रिश्ते में दूर की बुआ की प्यास बुझाई – 2

बुआ भतीजा सेक्स कहानी में अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने बुआ की प्यास बुझाई अगर आपने वह कहानी नहीं पढ़ी है तो कृपया उसे पढ़ लें, अब आगे …..
हैलो दोस्तो जैसा कि आप सब जानते है कि मेरा नाम दिनेश है और मैं यूपी का रहने वाला हूं । मेरी एक दूर की बुआ जो जो मुझे हमेशा से पसंद थी उनसे मेरी काल सेक्स चैट हो चुकी थी । एक दिन वह नहाते हुए वीडियो काॅल करती है लेकिन ज्यादा कुछ होने से पहले ही व्यवधान पड़ जाता है … अब आगे _ दूर की बुआ की प्यास बुझाई

इसके बाद तो फोटो वगैरह अक्सर भेजने लगी । अब वह अपने पति के साथ हुए सेक्स के बारे में भी बताने लगी जब भी उनके बीच सेक्स होता था , वह बोलती ,
” दिनेश कल हमने सेक्स किया ।”
मैं -” सही है तुम वहां मजे लूटो और मैं यहां तड़पता रहूं ।”
रागिनी -” अरे नहीं यार इनके साथ करने में मजा नहीं आता , एक तो ये जल्दी खत्म हो जाते हैं और ऊपर से एक ही पोजीशन में करते रहते हैं ।”
मैं -” अच्छा “
रागिनी-” पता है सेक्स करते समय मेरे मन में तुम्हारी ही याद रहती है , तुम्हारे बड़े हथियार से तुम मुझे कैसे चोदोगे , क्या क्या करोगे , किस पोजीशन में करोगे ये सब सोच कर मैं बहुत गर्म हो जाती हूं । लेकिन मैं झड़ने के करीब भी नहीं जा पाती उससे पहले ये खाली हो जाते हैं । “
मैं -” फिर क्या करती हो “
रागिनी-” कभी मन हुआ तो खुद से कर लिया । लेकिन यार अब रहा नहीं जाता बस अब तुम्हारे साथ करना है ।”
मैं -” मुझसे भी बर्दाश्त नहीं होता यार , कब आ रही हो मायके ।”
रागिनी -” कुछ जुगाड़ लगाती हूं , कोशिश करती हूं ।”

अभी तक बुआ मुझसे इतनी नहीं खुल पाई थी कि लण्ड, चूत, चुदाई आदि शब्दों का खुल के प्रयोग कर सके क्योंकि उसने ऐसे शब्दों का प्रयोग कभी किसी से खुले तौर पर किया नहीं था । अब मैं बिल्कुल नग्न वीडियो काल में हस्तमैथुन करने के लिए काफी जोर देने लगा था पर बच्चों की वजह से अभी यह संभव नहीं हो पा रहा था । लेकिन कहते हैं न जहां चाह वहां राह , नवम्बर के आखिरी सप्ताह में बच्चों के पेपर होने चालू हो गए । तीसरे या चौथे पेपर के दिन मैं सो कर उठा और चाय बना कर पी रहा था और बुआ का फोन आया , xxx hindi story

रागिनी -” गुड मॉर्निंग क्या कर रहे हो “
मैं -” गुड मॉर्निंग , चाय पी रहा हूं , तुम ?”
रागिनी -” बस नहाने जा रही थी “
मैं -” अकेले अकेले, मैं भी आऊं “
रागिनी -” आ जाओ ” और हंसने लगी ।
मैं -” आज बड़े मूड में हो कोई नहीं है क्या “
रागिनी -” हां आज तो अकेले हूं , बच्चे स्कूल और वो काम से गए हैं शाम तक आयेंगे ।”

इतना सुनते ही मैंने काल काट कर तुरंत वीडियो काल कर दी । वह बस बाथरूम पहुंची ही थी । थोड़ी बात होने के बाद मैंने कहा आज हो जाए फिर तो वो शर्मा गई लेकिन कुछ ही देर में मान गई । उसने मोबाइल स्टैंड पर रख दिया और कपड़े उतारने लगी इधर मैं भी अंडरवियर में था । उसने सारे कपड़े उतार दिए फिलहाल सिवाय पैन्टी के । फिर उसने शावर चालू कर दिया , उसका बदन पानी में भीगता हुआ बहुत सेक्सी लग रहा। था , वह धीरे धीरे अपने चूचे दबाने लगी और सिसकारियां भरने लगी ” आआआआहहहहह ईसससससस , कैसे लग रहे हैं ये “
मैं -” बहुत सेक्सी , मन कर रहा है अभी इन्हें मुंह में भर लूं और हाथों से मसल डालूं “
रागिनी -” हां दबाओ और जोर से चूसो इन्हें आआआहहह “

वह धीरे धीरे गर्म होने लगी उसकी सांसें तेज होने लगी वह अपने होंठों पर जीभ फिराने लगी , और जोर जोर से बूब्स दबाने लगी । इधर मैंने भी अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और उसे देखकर वह बोली -” आआआआहहहहह दिनेश कितना मस्त है तुम्हारा आओ जल्दी से इसे मेरी प्यासी चूत में डाल दो उमममम् ईससस्स्स्स्सससस ” ।
मैं -” पहले अपनी पैंटी तो उतारो !”

वह धीरे धीरे अदा से अपनी पैंटी उतारने लगी । वाआआआहहह क्या चूत थी उसकी । हल्की ब्राउन , छोटे छोटे बाल, चूत रस से भरी , उसके ऊपर चूत के होठों से घिरा हुआ छोटा सा क्लाइटोरिस , लण्ड तो एकदम राॅड जैसा खड़ा हो गया ।

फिर उसने अपनी उंगलियों से दोनों फांकों को अलग करके जैसे ही चूत के दर्शन कराए ….. क्या बताऊं शब्दों में वर्णन करना मुश्किल है । वह इतनी गोरी है , गोरे बदन पर हल्की ब्राउन चूत और छेद के अन्दर से गुलाबी ……. चूत के थोड़ा नीचे दो बड़े बड़े चूतड़ों के बीच एक छोटा सा भूरे रंग का गान्ड का छेद , सब कुछ इतना मनमोहक और कामुक लग रहा था कि बस यही दुनिया की सबसे अच्छी और प्यारी चीज है । आआआआहहहहह तब समझ में आया इसके लिए ऋषि मुनियों का ईमान भी क्यों डोल जाता था । अब हम सेक्स चैट करते हुए हस्तमैथुन करने लगे , उसने एक हाथ से अपने बोबे दबाने जारी रखें और दूसरे हाथ से पहले तो चूत के दाने को उंगलियों से रगड़ना शुरू किया । दूर की बुआ की प्यास बुझाई

रागिनी -” आआहहहह …. उफफ्फ्फ्फ दिनेश बहुत मज़ा आ रहा है ।”
फिर उसने एक साथ दो उंगलियां अपनी चूत में डाल ली और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी ।
वह कितनी गर्म हो गई थी इसका अंदाजा उसको देख कर ही लग रहा था । मैं भी अपने लण्ड को जोश में आकर हिला रहा था ।
मैं -” आहहहह बुआ कितनी सेक्सी लग रही है आप मैं बता नहीं सकता , क्या ही प्यारी , सेक्सी चूत है आपकी । ये लो मेरा लण्ड लो पूरा अपनी चूत में ।”
रागिनी -” आहहहहह उफफ्फ्फ्फ … डाल दो अपना यह लण्ड पूरा ईससससस बहुत मज़ा आ रहा है आह आह आह ओह यस “

फिर उसने मोबाइल उठाया और कमोड पर अपने पैर फैला कर बैठ गई और मोबाइल को चूत के बिल्कुल सामने करके फिर से उंगली करने लगी । मुझे उसकी उंगली करने की आवाज भी सुनाई देने लगी । मैं देख पा रहा था कि किस तरह उंगलियां चूत के अंदर बाहर हो रही हैं और उंगलियों के अंदर जाते ही छेद किस तरह से फैल रहा है और बाहर आते ही किस तरह से सिकुड़ रहा है वह दृश्य सच में बहुत उत्तेजक था । उसकी उंगलियां चूत रस से भीग चुकी थी । वह इतनी गर्म हो चुकी थी कि ज्यादा देर कंट्रोल नहीं कर पाई ।

रागिनी -” आह दिनेश मेरा होने वाला है बाबू … ईससससस बहुत मज़ा आ रहा है आईईईई यययययययययससससससस आह आह आह ……।”
और वह जोर जोर से उंगली चलाने लगी । अचानक से उसका बदन अकड़ने लगा और वो जोर जोर से सिसकारियां , आहें भरती हुई झड़ने लगी ।
रागिनी -” आआआआहहह ….. उफफफफ ईससससससससस “

झड़ने के बाद थोड़ी देर वह वैसे ही शान्त बैठी रही और उसका सीना तेज सांसों की वजह से ऊपर नीचे हो रहा था । उसके बाद मैं भी जल्दी ही झड़ गया और इस तरह हमको वीडियो सेक्स चैट में बहुत मज़ा आया । फिर उसने काल काट दी और नहाने लगी , मैं भी अपने काम में लग गया । अब तो बस मैं इन्तज़ार कर रहा था कि वह कब यहां आए । जैसा कि मैंने बताया कि वह साल में 3,4 बार तो आ ही जाती थी तो जल्द ही आने की उम्मीद थी , कुछ दिन बाद उसने बताया कि जनवरी में वह आ रही है । मैं बस उसके आने का इंतजार करने लगा । bhai bahan sex story

सीधे मुख्य बात पर आते हैं जनवरी में जब वह आई तो मैंने रूम वगैरह का सब इंतजाम कर रखा था पर उसने रुम आने से मना कर दिया पता नहीं औरतों की क्या समस्या है दूर से तो सब करने को राजी रहती हैं लेकिन जब समय आता है तो क्यों आनाकानी करती हैं । दो तीन दिन तक मैं रूम के लिए बोलता रहा पर जब वह नहीं आई तो मैंने उसके घर जाने का निश्चय किया । उसके पापा गांव गए हुए थे और छोटी बहन जाॅब करती थी तो वह दिन में कुछ दिनों के लिए अकेली थी । जब मैं उसके घर पहुंचा तो उसे देखकर कंट्रोल ही नहीं कर पाया और तुरंत उसे बाहों में भर लिया और तेज तेज किस करने लगा , क्या रसीले होंठ थे । किस करने में ही मुझे बहुत मज़ा आ रहा था दूर की बुआ की प्यास बुझाई

और साथ ही मैक्सी के ऊपर से ही उसके चूचे दबाने लगा । उसके मम्मे इतने बड़े बड़े थे कि मेरे हाथों में ही नहीं आ रहे थे , बड़े बड़े, टाइट बूब्स दबाते हुए मैं लगातार किस करते जा रहा था । वह मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी और छूटके जैसे ही अन्दर भागी मैंने दौड़कर उसे पकड़ा और इसी चक्कर में हम दोनों साथ में बेड पर गिर पड़े । मैं उसके ऊपर लेट गया और चूचे दबाता रहा फिर मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया और मैक्सी उतारने की कोशिश की लेकिन वह मैक्सी उतारने ही नहीं दे रही थी तो मैंने वैसे ही मैक्सी के अन्दर हाथ डाल दिया । वाआआआहहहहह क्या अहसास था जब मैं पहली बार नंगे बूब्स को अपने हाथों से दबा रहा था, मसल रहा था । वो आआह ऊहहह किये जा रही थी लेकिन पूरी तरह साथ नहीं दे रही थी इसी चक्कर में उसकी मैक्सी थोड़ी सी फट गई । कुछ देर बाद उसने अपने आप को छुड़ा लिया और अलग हो गई , न तो उन्होंने मुझे अपनी मैक्सी उतारने दी , न चूचे देखने दिए और न ही चूत देखने दी , छूने दी । मुझे बस किस करके और बूब्स दबाके पहले दिन वापस आना पड़ा ।
शायद वह उस दिन पूरी तरह से मानसिक रूप से तैयार नहीं थी ‌। उसके एक दिन बाद मैं फिर से उसके घर गया , इस बार मैं पूरा मन बनाकर गया था कि आज तो सब कुछ करके ही आऊंगा । इस बार मैंने भी कंट्रोल किया और जाकर उससे पहले तो बातें करने लगा , वह बार बार यह बोल रही थी कि तुम यहां से जाओ । फिर मैंने उठकर उसे अपनी बाहों में भर लिया और धीरे धीरे प्यार से किस करने लगा ,। वह मुझे दूर धकेल रही थी लेकिन मैं उसे अच्छे से पकड़ कर किस कर रहा था । कभी उसके ऊपर वाले होंठ को दोनों होंठों के बीच दबाकर, कभी नीचे वाले होंठ को दबाकर चूस रहा था जैसे अभी होंठों से रस निकल आएगा । कुछ देर होंठ चूसने के बाद मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया ‌वह अभी तो साथ नहीं दे रही थी लेकिन उसकी सांसें भारी होने लगी थी । वो मुझसे छूट के जैसे ही मुड़ी , मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया और उसे कसकर अपने शरीर से चिपका कर पीछे से उसकी गर्दन पर लगातार किस करता रहा ।

रागिनी -” छोड़ दो मुझे आआहह । प्लीज़ मत करो आह ।
मैंने किस करने के साथ-साथ अपनी जीभ निकाल कर उसकी गर्दन पर फिराने लगा । कुछ देर बाद मैंने उनके दोनों कानों की लौ को मुंह में भरकर चूसना शुरू किया । वो धीरे धीरे गर्म होने लगी पर साथ नहीं दे रही थी । फिर मैंने पीछे से ही उसके चूचे पकड़ लिए और हल्के हल्के से दबाने लगा , मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था । उसकी पकड़ , विरोध , एक साथ किस करने , जीभ फिराने, कान की लौ चूसे जाने , बोबे दबाने से धीरे धीरे कम होने लगा ।

रागिनी -” प्लीज़, दिनेश ये क्या कर रहे हो ईईससस मत करो , छोड़ दो मुझे आआहह।”
मैं उसके बूब्स दबाते हुए , किस करते हुए बिस्तर पर ले आया और उसे लिटा दिया । आज उसने सलवार सूट पहना हुआ था , मैंने तुरंत उसके कुर्ते में हाथ डाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही जोर से बोबे दबाने लगा और किस करता रहा । उसके मुंह से उउउममम्म ऊंऊं की आवाज आ रही थी । अब लगभग उसका विरोध काफी कम हो गया था और उसे भी मजा आने लगा था । फिर मैंने उसका कुर्ता उतार दिया अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा में थी । वाआआहह कितनी कामुक लग रही थी वह सिर्फ ब्रा में , जिन चुचियों को सिर्फ फोटो या वीडियो काॅल में देखा था वो बड़े बड़े, गोरे , टाइट बोबे मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थे । मैंने तुरंत ही दोनों बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाना, हल्के हल्के मसलना चालू कर दिया फिर अचानक ही एक चूचे को मुंह में भर लिया और दूसरे को हाथ से दबाता रहा । कुछ देर बाद मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी , आआआआहहह मस्त मस्त , बड़े बड़े , एकदम गोरे बूब्स और उसपर भूरे रंग के निप्पल , लण्ड तो एकदम से टाइट हो गया था । मैं बारी बारी से दोनों चूचियों को दबाने लगी और मुंह में भर कर चूसने लगा । वह लगातार आहह ऊंऊं किये जा रही थी जाहिर है कि उसे बहुत मज़ा आ रहा था । फिर मैं एक चूचे को मुंह में ही जीभ को नुकीला करके निप्पल को कुरेदने लगा और दूसरे निप्पल को हाथों को उंगलियों में फंसा कर हल्के हल्के से खींच लेता , छोड़ देता , फिर खींच लेता, छोड़ देता । वह थोड़ा सा उछल पड़ी लेकिन मैंने उसे कसकर पकड़ लिया था , वह काफी उत्तेजित , मदहोश होने लगी थी । कभी बिस्तर की चादर को मुठ्ठी में भर लेती कभी मेरे सिर के बालों को सहलाने लगती ।

मैं -” कैसा लग रहा है जान “
रागिनी -” आआहह .. मत पूछो बहुत मज़ा आ रहा है ईईससस हां ऐसे ही दबाओ इन्हें उफफफ्”
फिर उसे पलट कर उसकी पूरी पीठ को सहलाने लगा और किस करने लगा और फिर से गर्दन को चूसने चाटने लगा । फिर एक हाथ से बोबे दबाता रहा और दूसरे हाथ से उसके पेट को रगड़ने लगा और पेट को चूमने लगा , उसका पेट उत्तेजना से ऐसे लहरा रहा था जैसे कोई नर्तकी बेली डांस कर रही हो , अचानक ही मैंने अपनी जीभ उसकी नाभि में डाल दी और गोल गोल घुमाने लगा । उसकी एक जोर की आह निकल गई । दूर की बुआ की प्यास बुझाई

रागिनी-” आहहहह ईससस्सस्स्स ये क्या कर रहे हो मेरा पूरा जिस्म जल रहा है जल्दी कुछ करो । ” फिर मैंने उसका सलवार भी उतार दिया । और उसे पेट के बल उल्टा लिटा दिया और उसके पैरों से लेकर गाण्ड तक अपने हाथ फिराने लगा , उसकी गोरी गोरी भरी हुई चिकनी जांघे देखकर मैं काफी उत्तेजित हो रहा था सो उसकी जांघों को चूमने, चाटने लगा और उसके बड़े बड़े चूतड़ों को हाथों से मसलने लगा । उसके बाद उसकी जांघों को छोड़कर चूतड़ों को चूमने लगा और थोड़ा थोड़ा दांतों से काटने लगा । वह उत्तेजना वश अपनी गान्ड को ऊपर नीचे कर रही थी । चूतड़ों को मसलते मसलते ही मैंने अचानक दोनों चुतड़ो पर एक एक थप्पड़ मार दिया । अचानक ऐसा करने से वह चिल्ला उठी मैंने लगातार कुछ थप्पड़ मारकर उसकी गान्ड लाल कर दी , गान्ड लाल होने पर और भी सेक्सी लग रही थी । फिर उसको सीधा करके एक बार और पैरों से लेकर चूत तक चूमा चाटा और फिर उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही निहारने लगा । उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी जाहिर है वह बहुत चुदासी हो चुकी थी । मैंने पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमा और ऊपर भगनासा से नीचे छेद तक एक बार चाटा ।

दूर की बुआ की प्यास बुझाई

रागिनी-” आआहहहह ये क्क्क्यया कर रररहे हो वो गन्दी जगह है ईसससससस ।”
मैंने अनसुना कर दिया और कुछ देर ऐसे ही पैन्टी के ऊपर से ही चूत चाटता रहा । उसकी चूत को वो महक , चूत का वह अलग सा स्वाद मुझे हमेशा याद रहेगा । मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था मुझे भी जल्दी से उसकी चूत देखनी थी तो मैंने उसकी पैंटी उतार दी उसने भी गान्ड उठा कर सहयोग दिया । जैसे ही पैन्टी उतारी …. आआह मानो स्वर्ग का द्वार मेरे सामने था । हल्की ब्राउन रंग की , बिल्कुल छोटे-छोटे बाल जैसे 5, 6 दिन पहले ही शेव की हो , चूत रस की वजह से चमकती हुई , ऊपर छोटे दाने जैसी भगनासा , आपस में थोड़े चिपके हुए चूत के होंठ और ब्राउन रंग की चूत के अन्दर हल्के लाल रंग का छेद । कुछ सेकंड तक तो मैं बस चूत को निहारता ही रहा । फिर मैंने चूत के पास मुंह ले जाकर एक तेज सांस भरकर चूत की महक ली और छेद से लगाकर भगनासा तक अच्छे से चाटा फिर भगनासा से छेद तक पुनः चाटा , रागिनी बुआ की एक तेज और मदहोशी से भरी आह निकली । 3 , 4 बार ऐसा करने के बाद मैंने उसकी क्लिंट को मुंह में भर लिया और तेजी से चूसने लगा , होंठों से चूसते चूसते ही दाने पर गोल गोल जीभ घुमाने लगा और फिर जीभ को नुकीला करके दाने को तेज़ तेज़ छेड़ने लगा साथ ही बीच वाली उंगली उसकी चूत में डाल दी । और उंगली से ही उसे चोदने लगा ।

रागिनी -” आआआहहहह चूसो और जोर से चूसो ईईईससससस्स्ससस्स्स्ससस्स , मुझे नहीं पता था कि चूत चुसवाने में इतना मज़ा आता है उमममम्म्म्ममम्म ।”
उसके बाद उंगलियों से उसकी दोनों फांकों को अलग करके क्लिंट और छेद के बीच के हिस्से को जीभ से चाटा , फिर एक साथ दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दी और चाटना , चूसना जारी रखा । वह लगातार अपना सिर , हाथ बिस्तर पर पटक रही थी , कभी मेरे सिर को सहलाने लगती , कभी चादर को मुठ्ठी में भींच लेती , उसके मुंह से आआआह उफफ्फ्फ्फ ईससससस की आहें , सिसकारियां लगातार निकल रही थी । फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने भी सब उतार दिया । मैंने अपना पूरा खड़ा लौड़ा उसके हाथ में दे दिया ।

रागिनी -“(हैरानी से देखती हुई ) यह तो सच में काफी बड़ा और मोटा है । आज तो मज़ा ही आ जाएगा ।”
मैंने उसे मुंह में लेने को कहा पर उसने मना कर दिया और बोली कि मैंने कभी मुंह में नहीं लिया है मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया । लेकिन वह लौड़े को पकड़ कर हाथ से हिलाती रही । फिर मैं बेड पर लेट गया और उसे 69 में अपने ऊपर कर लिया और फिर से उसकी चूत चाटने और चूसने लगा , उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगी और वह जोर से लण्ड हिलाने लगी । इस बार मैंने चूत के दाने को उंगलियों से रगड़ना चालू किया और छेद के अंदर जीभ डालकर तेजी से अन्दर बाहर करने लगा , पूरी जीभ अंदर करके जीभ को चूत की दीवारों से रगड़ाते हुए गोल गोल घुमाने लगा , वह बहुत गर्म हो गई । और लौड़े को हिलाते हुए सुपाड़े को किस करने लगी । मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं कभी जीभ को चूत के अन्दर घुमाता , कभी दाने को छेड़ता और उंगलियां छेद में डाल देता , कभी दाने से लगाकर छेद तक चाटता कभी नीचे से लगाकर भगनासा तक चाटता । इतनी देर के फोरप्ले में वह इतनी गर्म हो गई थी कि उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और वह कभी भी झड़ सकती थी , वह बहुत जोश में आ गई और सुपाड़े को जीभ से चाटने लगी हांलांकि उसने लण्ड को मुंह में भर कर चूसा नहीं। desi sex stories

रागिनी -” आआआहहह जोर जोर से चूसो दिनेश और चाटो ईईईससससस्स्ससस्स्स्ससस्स … मुझे कुछ हो रहा है आआहहहह उमममम्म्म्ममम्म ।”
मैं और तेजी से जीभ और उंगलियां चलाने लगा , कुछ ही देर में उसका बदन कांपने लगा और वह लड़खड़ाते शब्दों में आहें, सिसकारियां निकालते हुए , झटके मारते हुए झड़ने लगी ।
रागिनी -” आआहहहह ईससस्स्स्स्सससस , मैं गगगग….ईईई….ईईईई उफफफफ आह ।”
मैंने थोड़ा सा उसका रस टेस्ट किया और बाकी कपड़े से पोंछ दिया । वह जोर जोर से सांसें लेती हुई शांत मेरे ऊपर लेटी रही । उसकी धड़कन इतनी तेज हो गई थी कि मुझे महसूस हो रही थी । कुछ देर बाद वो मेरे ऊपर से हटीं और बैठ गई ।
मैं -” कैसा लगा जान “
रागिनी -” मत पूछो , इतना मज़ा तो कभी सेक्स में भी नहीं आया जितना तुम्हारे चाटने और चूसने से आया ‌।”
मैं -” (लण्ड की तरफ इशारा करते हुए) इसका कुछ करो ।”

वह लण्ड को हाथों में लेकर हिलाने लगी । उसके बड़े चूचे देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैं लण्ड को उसके चूचों के बीच फंसाकर आगे पीछे करने लगी जैसे मैं चूचों को ही चोद रहा हूं । उसके बड़े , मांसल चूचों को चोदने में भी मुझे बहुत मजा आ रहा था । मुझे पता था कि पहली बार में ही मै ज्यादा देर टिक नहीं पाऊंगा और मैंने अन्तर्वासना में पढ़ा था कि एक बार झड़ने के बाद ज्यादा देर तक चोदा जा सकता है इसलिए मैंने पहली बार बिना लण्ड चूत में डाले ही झड़ने का सोच लिया था । उसके मम्मों को कुछ देर चोदने के बाद लगा कि मैं झड़ने वाला हूं , मैं तेज तेज लण्ड आगे पीछे करने लगा और कुछ ही झटकों में मेरे मुंह से आह निकलने लगी और मैं उसके बूब्स में ही झड़ गया । मेरा वीर्य उसके , बूब्स , छाती में फैल गया , थोड़ा सा उसकी ठोड़ी के आसपास भी फैल गया जिसे उसने कपड़े से पोंछ लिया । झड़ने के बाद हम दोनों ने किस किया और एक दूसरे को बाहों में भर कर लेट गए और बातें करने लगे । बीच बीच में हम किस कर लेते , मैं उसके बदन पर हाथ फिराता रहा वह मेरे शरीर में हाथ घुमाती रही ताकि हम दोनों फिर गर्म हो जाए । दूर की बुआ की प्यास बुझाई

फिर मैं उसके होंठ , गर्दन , पीठ को चूमता , चाटता हूं , बूब्स दबाता हूं , मुंह में भर कर चूसता हूं , चूतड़ों को मसलता हूं और फिर से चूत चाटने लगता हूं और वह फिर से गर्म होने लगती है । मैंने उसे तुरंत ही 69 में लिया और मैंने चूत चाटना जारी रखा , उसने लण्ड हिलाना । तुरंत ही मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो गया और वह भी गर्म हो गई, उसकी चूत हल्की हल्की गीली होने लगी ।

रागिनी -” बस , अब मत तड़पाओ , और देर मत करो जल्दी से अपना ये डाल दो … आह मुझसे अब रूका नहीं जा रहा है ।”
मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था , मैंने लण्ड पर कन्डोम चढ़ाया और पोजीशन में बैठ गया । कुछ देर लण्ड को चूत पर ऊपर नीचे रगड़ने लगा , वह बिल्कुल चुदासी हो गई और कहने लगी – ” अब जल्दी से डाल दो क्यों तड़पा रहे हो आहह ।”

लण्ड को रगड़ते हुए मैंने अचानक एक धक्का लगाया और लण्ड सुपाड़े से थोड़ा ज्यादा अंदर घुस गया । बुआ की एक लम्बी आह निकल गई , मैंने लण्ड को थोड़ा पीछे खींचा और पहले से थोड़ा तेज धक्का मारा ।
रागिनी -” आआआहहहह ….ईससससस आआआआहहहहह ।”
मेरा आधे से ज्यादा लण्ड अन्दर जा चुका था मैंने वैसे ही 5 , 6 बार लौड़े को आगे पीछे किया और एक आखिरी धक्का मारा ।
रागिनी -” आआआहहह …. थोड़ा रूक जाओ , उफफ्फ्फ्फ मैंने कई दिनों से सेक्स नहीं किया है और तुम्हारा काफी बड़ा है , आआहह थोड़ा रुक जाओ उमममम्म्म्ममम्म …”

मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितना मज़ा आ रहा था , हांलांकि मुझे भी पहली बार की वजह से थोड़ा सा दर्द हुआ पर उस पहले अहसास को शब्दों में वर्णन करना मुश्किल है । 35 की उम्र होने के बाद भी उसकी चूत काफी टाईट थी , लण्ड अच्छी तरह से चूत की दीवारों से रगड़ रहा था ।
( मैं यह नहीं कहूंगा कि उसकी चूत बहुत टाईट थी और मेरे लण्ड डालते ही वह जोर से चीखने चिल्लाने लगी और रोने लगी क्योंकि सब को पता है कि 35 की उम्र और 2 बच्चे होने पर चूत पहले जैसी नहीं रहती ।) दूर की बुआ की प्यास बुझाई

हां इतना जरूर है कि कई दिनों बाद चुदने से और मेरा 7.5 इन्ची लण्ड लेने में उसे थोड़ी परेशानी तो हो ही रही थी । कुछ देर वैसे ही रहने के बाद और उसे किस , बोबे दबाने ,चूसने के बाद जब लगा कि अब यह ठीक है तो मैंने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए । हर धक्के में उसकी आह ऊह निकल रही थी , उसके चेहरे के भाव बता रहे थे कि उसे कितना मज़ा आ रहा था । रागिनी -” आहह बहुत मज़ा आ रहा है दिनेश ,… उफफफफ , करते रहो यस यस यस आहह “

मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं जोश में धक्के मारे जा रहा था । उसकी चूत बिल्कुल गीली होने की वजह से लण्ड बड़ी अच्छी तरह से अन्दर बाहर हो रहा था और हमारी चुदाई से निकलने वाली पट पट पट , फच फच की आवाजें माहौल को और ज्यादा मजेदार और रोमांचक बना रहीं थी । उसकी आनन्द भरी आहें , सिसकारियां मुझमें और जोश भर रही थीं । जैसे जैसे मैं धक्के मार रहा था वैसे वैसे वह भी नीचे से अपनी गान्ड उठाकर जोश में धक्के लगा रही थी।

मैं -” कैसा लग रहा है जानेमन “
रागिनी -” आहह , इतना मज़ा तो कभी नहीं आया जितना अभी आ रहा है …ईससससस करते रहो आहहहह ।”
मैं -” हां बस देखती जाओ आज तुम्हें पूरी संतुष्ट कर दूंगा , लो पूरा लो ।”

कुछ देर बाद मैंने पोजीशन बदलने की सोची । मेरी हमेशा से ही लड़की को अपने लौड़े पर बैठाकर सवारी कराने की फैंटसी रही थी । इसलिए मैंने उसकी चूत से लण्ड बाहर निकाला और लेट गया और उसे ऊपर आने को बोला । वह मेरे ऊपर आकर लण्ड को चूत में सेट करके जैसे जैसे बैठती गई वैसे वैसे लण्ड उसकी गीली चूत में घुसता चला गया । पूरा लण्ड घुसते ही उसकी एक लम्बी तेज आह निकली । वो धीरे धीरे धक्के लगाने लगी और मैं उसके बूब्स हाथों में लेकर दबाने लगा , चूसने , काटने लगा फिर मैंने भी नीचे से तेज तेज धक्के लगाने शुरू किए , ऊपर से वह भी धक्के लगा रही थी तो लण्ड काफी तेजी से चूत के अन्दर रगड़ रहा था । और दोनों के धक्के लगाने से फच फच फच की आवाजें और तेज आने लगी थी । हम दोनों इतने गर्म हो गए थे कि हमारे बदन में पसीना आ गया था । antarvasna story

रागिनी -” आहहहह करते रहो , उफ्फ और तेज और तेज , मेरा होने वाला है ईससस उमममम् ।”
और वह भी बहुत जोश में आकर तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगी । हमारे धक्कों से बेड भी हिलने लगा था । जल्दी ही उसकी सांसें तेज होने लगी , उसका बदन कांपने लगा , वह जोर जोर से आहें भरने लगी । मैंने भी नीचे से लम्बे लम्बे धक्के लगाने जारी रखे और अचानक तेज तेज धक्के लगाते हुए , लम्बी आहें भरते हुए वह झटके मारते हुए झड़ने लगी ।

रागिनी -” आआआआहहहहह …… ईईईईससस् ओओओओहहहह गॉआआआआआआऑडडड । “
झड़ते समय उसकी चूत इतनी कस गई जैसे लण्ड को निचोड़ ही लेगी , चूत में होने वाला संकुचन और फैलाव मुझे अपने लौड़े पर महसूस हो रहा था । झड़ने के बाद वह बिल्कुल ढीली पड़ गई और जोर जोर से हांफती हुई मेरे ऊपर लेट गई , मैंने धक्के लगाने बन्द कर दिये ताकि वह झड़ने का आनंद अच्छी तरह से ले सके । कुछ देर बाद जब वह नार्मल हुई तो उसने मेरे होंठों , गालों पर चूमना चालू कर दिया और बोली -” आज तो ऐसा मज़ा आया जो बता पाना मुश्किल है सच में तुमने मुझे बहुत मज़ा दिया है ।”

मैं भी ज्यादा देर तक रूक नहीं सकता था इसलिए मैंने उसे डाॅगी पोजीशन में किया और पीछे से एक बार में ही लण्ड उसकी गीली चूत में डाल दिया और उसके बड़े , मांसल चूतड़ों को मसलते हुए तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा । बीच बीच में उसके चूतड़ों में थप्पड़ भी मार रहा था । वह लगातार आहह ऊहहह आउच उफ्फ कर रही थी । कुछ ही धक्कों में मेरा निकलने वाला था तेज तेज धक्के लगाते हुए मैं झड़ने लगा और झड़ते हुए मैं उसके ऊपर गिर गया और लण्ड से एक के बाद एक पिचकारियां निकलकर कन्डोम में भर रही थी । मैं जोर जोर से हांफ रहा था , कुछ देर अपनी सांसों को नार्मल करने के बाद मैं अलग हुआ । पसीने से उसका चमकता हुआ बदन बहुत सेक्सी लग रहा था और उसके चेहरे के भाव बता रहे थे कि उसे कितना मज़ा आया है । उसके बाद हमने थोड़ी बहुत बातें की और फिर हमने गुड बाय किस की और मैं वहां से चला आया ।

उसके बाद मैंने उसको कब चोदा कैसे चोदा , वह अगली कहानी में बताऊंगा । फिलहाल यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे ई-मेल , कमेन्ट करके जरूर बताएं । धन्यवाद ।
ईमेल आईडी – 872skrajpoot@gmail.com

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