पत्नी की सारी कल्पनाए पूरी की

नमस्कार, मेरा नाम अनिल है। मेरी उम्र 28 साल है और मेरी पत्नी का नाम वर्षा है, उसकी उम्र 26 साल है। हम दिल्ली के रहने वाले है। आज मै आप लोगो के साथ अपनी लाइफ की कुछ सच्ची घटना साझा करना चाहता हु। मेरी शादी को 2 साल हो गए है और हमे एक बच्चा भी है। हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी है। मुझे और मेरी पत्नी को चुदाई बहुत पसंद है। और हम चुदाई में नए नए एक्सपेरिमेंट करते रहते है। आज तक एक भी एंगल या पोजीशन ऐसी नहीं होगी जो हमने की ना हो।

हम दोनों को ही किस करना कुछ खास पसंद नहीं है। किस तो हम नाम के लिए करते है, वरना हम तो सेक्स स्टार्ट ही लंड चूसने से और चुत चाटने से करते है। मेरी पत्नी लंड बहुत अच्छा चुस्ती है। मै आपको अपनी पत्नी के बारे में बता दू, वो दिखने में सामान्य हैं लेकिन फिगर अच्छा है। मेरी पत्नी की गांड बहुत मस्त है। और मेरा लंड 5 इंच का है, हमे चुदाई के वक़्त गालिया देना गन्दी बाते करना बहुत पसंद है। पहले वर्षा को ये सब पसंद नहीं था पैर अब मैंने धीरे-धीरे उसे गालिया देना और गन्दी बाते करना सीखा दिया। अब तो हम सेक्स के टाइम एक दूसरे को हमारे दोस्तों या रिश्तेदारों के नाम से बुलाते है।

हम एक दिन भी चुदाई के बिना नहीं रह सकते, उसके पीरियड्स में भी हम सेक्स करते हैं। बस उन दिनों मैं उसकी चुत नहीं लेता बल्कि गांड मारता हूँ। हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते है। और आज तक हम दोनों ने एक दूसरे को कभी धोखा नहीं दिया।

अब मैं उस घटना पे आता हूँ। मेरी और वर्षा की कुछ कामुक कल्पना थी, जैसे की खुले आसमान के निचे सेक्स करना, कार में सेक्स करना, किसी के सामने सेक्स करना, ग्रुप सेक्स करना आदि। जो की हमारे शहर में पूरी नहीं हो सकती थी। एक बार उसके जन्मदिन पर हमने गोवा जाने का प्लान बनाया।

तो हमने अपने बच्चे को मेरी मम्मी के पास छोड़ा और गोवा के लिए निकल गए। हम पहले मुंबई गए और एक रात वहा रुके, उस दिन हमने मुंबई घुमा, मुंबई घूमने के लिए होटल से निकलने से पहले ही हम दोनों ने अपनी कल्पना को पूरा करने का सोचा। तो मैंने वर्षा से खुले कपडे पहने को कहा, तो उसने सेक्सी सा शार्ट स्कर्ट और डीप नैक टीशर्ट पहन लिया और हम घूमने निकल गए। हम जान भुझ कर भीड़ भाड़ वाली जगह पर जा रहे थे। जिससे हम भीड़ में फस जाए और लोग उसका फायदा उठा कर वर्षा की बॉडी के साथ खेले, लेकिन हमे कुछ खास मज़ा नहीं आ रहा था।

फिर लास्ट में हमने मुंबई लोकल रेल में सफर करने का सोचा और हम एक काफी भीड़ भरे डब्बे में खड़े हो गए, मैं वर्षा के पीछे खड़ा हो गया, डब्बे में भीड़ ज्यादा होने के कारण सब लोग एक दूसरे से चिपक कर खड़े थे। वर्षा को चारो तरफ से लड़को ने घेरा हुआ था। मैं वर्षा के एक दम पीछे खड़ा था, और हम दोनों ऐसा बर्ताव कर रहे थे, जैसे हम दोनों अनजान है। मैं वर्षा से एक दम चिपक के खड़ा था और उसकी गांड पर अपना लंड मसल रहा था। मेरी इस हरकत को मेरे साथ खड़ा एक कॉलेज स्टूडेंट देख रहा था, मैंने उसे देख कर एक स्माइल दी।

कुछ देर बाद वो भी वर्षा से चिपक कर खड़ा हो गया और आगे की तरफ धक्का देने लगा, वर्षा ने कोई रिएक्शन नहीं किया, वो अपना हाथ वर्षा की गांड पे फिरने लगा, ये देख कर मैं पीछे हट गया, क्योकि यही तो हम चाहते थे और आखिर में हमारा प्लान कामयाब हो गया था। उसके हाथ घुमाने से वर्षा को भी मज़ा आ रहा था, लेकिन वो कोई रिएक्शन नहीं कर थी। इस पर उस लड़के की हिम्मत और बढ़ गई और उसने अपना हाथ वर्षा की स्कर्ट में घुसा दिया और उसकी पैंटी के उपर से उसकी गांड मसलने लगा, कुछ देर बाद उसने अपना हाथ उसकी पैंटी के अंदर घुसा दिया और उसकी चुत से खेलने लगा, इस पर वर्षा ने अपने पैर थोड़े खोल लिए जिससे उसका हाथ सही से उसकी चुत तक जा सके, अब वो वर्षा की चुत में उंगली करने लगा।

ट्रैन में भीड़ काफी होने के कारण कोई उन दोनों पर ध्यान नहीं दे रहा था सिवाए मेरे। वर्षा अब तक ये समझ रही थी की ये सब हरकत मैं कर रहा हूँ। अब वर्षा से भी नहीं रहा गया, और उनसे धीरे से अपना हाथ पीछे किया और उसके लंड को पेंट के उप्पर से पकड़ लिया और उससे खेलने लगी। फिर वर्षा ने उसकी चेन खोली और अपना हाथ उसकी पैंट के अंदर कर दिया और उसका लंड पकड़ लिया, लंड पकड़ने पर वर्षा को एहसास हुआ की उसने मेरा नहीं किसी और का लंड पकड़ा हैं, क्योकि उसका लैंड कुछ खास बड़ा नहीं था पैर मोटा बहुत था ये बात वर्षा ने मुझे होटल में बताई। फिर वर्षा ने मेरी तरफ मुड़ कर देखा तो मैंने उसे शांत होकर एन्जॉय करने का इशारा किया।

फिर वर्षा भी एन्जॉय करने लगी। उस लड़के ने मेरी तरफ देखा और मुझे आगे आने का इशारा किया, पर पहले तो मैंने मना किया फिर उसके दोबारा कहने पर में भी आगे आ गया। और मैंने भी अपना एक हाथ वर्षा की पैंटी में दाल दिया और उसकी गांड में उगली करने लगा। अब वर्षा की चुत और गांड दोनों में एक एक उंगली थी। मैं वर्षा के साइड में खड़ा था, तो उसने एक हाथ से मेरा लंड भी पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी। वो लड़का अब जोर जोर से वर्षा की चुत में उंगली कर रहा था जिससे वर्षा भी जोर जोर से उसका लंड हिलाने लगी। और कुछ देर में उस लड़के ने वर्षा के हाथ में ही झाड़ दिया। अब ट्रैन एक स्टेशन पे रुकने वाली थी तो हुनमे अपने कपडे ठीक किये, और उस स्टेशन पर वो लड़का उतर गया।

और अगले स्टेशन पर हम भी उतर गए और अपने होटल चले गए। होटल रूम में जाते ही हमने रूम लॉक किया और अपने सारे कपडे उतार के एक दूसरे से चिपक गए और बात करने लगे।

मैं :- कैसा लगा ?

वर्षा :- बहुत मज़ा आया, आज पहली बार किसी गैर मर्द का लंड पकड़ा और उससे अपनी चुत में उंगली करवाई।

मैं :- अच्छा लगा ?

वर्षा :- बहुत अच्छा, पहले तो मुझे लगा के तुम मेरी चुत से खेल रहे हो, पर फिर जब उसका लंड मैंने पकड़ा तब मुझे पता चला के कोई और ही मेरी चुत के साथ खेल रहा हैं। फिर ये सोच कर की मैं अपने पति के सामने ही किसी गैर मर्द के लंड से खेल रही हु और अपनी चुत में उंगली करवा रही हूँ, तो और भी मज़ा आने लगा। And thank u so much, आज तुमने मुझे एक अलग ही एहसास करवाया है। I love you.

मैं :- तुम्हे कैसे पता चला के कोई और तुम्हारी चुत के साथ खेल रहा हैं।

वर्षा :- उसके लंड के साइज से, उसका लंड तुम्हारे लंड से छोटा था पर मोटा काफी था।

मैं :- तुम्हे अच्छा लगा उसका लंड ?

वर्षा :- हां, उसकी मोटाई अच्छी लगी। अगर उस लंड को देख पाती तो और अच्छा लगता।

मैं :- सिर्फ देखती या कुछ और भी करती ?

वर्षा :- अगर तुम्हे कोई परेशानी नहीं होती तो उसे मुँह में लेती।

मैं :- और चुदाई ?

वर्षा :- अगर तुम्हे कोई परेशानी नहीं तो चुदाई भी कर लेती। हा.. हा.. हा.. वैसे भी तो ये आपकी fantacy है के मै तुम्हारे सामने किसी गैर के साथ चुदाई करू।

मैं :- हा, मेरी ये इच्छा तो है और जल्दी ही पूरा करेंगे।

वर्षा :- और अब प्लीज़ बाटे बंद करो और जल्दी से मेरी चुदाई करो।

उस लड़के की उंगली की वजह से मेरी चुत में खुजली होने लगी है, अब तुम जल्दी से अपने लंड से मेरी चुत की खुजली मिटाओ। और मुझे एक रंडी की तरह चोदो। और फिर वो मेरा लंड  चूसने लगी। वैसे तो वर्षा बहुत अच्छा लंड चुस्ती है पर आज तो कुछ ज्यादा ही अच्छे तरीके से लंड चूस रही थी। शायद ये उस ट्रैन वाली घटना का असर था। उस वक़्त शाम के 7 बजे थे और फिर हम 69 पोजीशन में आगए और मैं उसकी चुत चाटने लगा, और उसकी गांड में ऊँगली करने लगा। जिससे वो और ज्यादा उत्तेजित हो गई। और गालिया देने लगी।

वर्षा :- वाह साले क्या चुत चाट रहा है तू, जैसे चुत चाटने की ट्रेनिंग ली हो।

मैं :- साली तू तो भी तो पेशेवर रंडियो की तरह मेरा लंड चूस रही है। जैसे आज तक पता नहीं कितनो के लंड चूस चुकी हो, साली कुतिया।

वर्षा :- साले भड़वे अभी तक तो सिर्फ तेरा ही लंड लिया है पर अब देखना कैसे गोवा में तेरे ही सामने कितने लंडो के साथ खेलती हूँ।

मैं :- हां हां साली रंडी टेंशन मत ले, मैं खुद ही तेरे लिए कई लंडो का जुगाड़ कर दूंगा। देखना तेरी ऐसी चुदाई करवाऊंगा के कभी दुबारा छोड़ने के लिए नहीं कहेगी बहन की लौड़ी।

वर्षा :- साले बहनचोद तू क्या मेरा हाल करेगा, मेरा बस चले तो मै तो रोज 10 – 10 लंड अपनी चुत और गांड में लू। चूतिये अब क्या चुत ही चाटता रहेगा या चोदेगा भी।

फिर मैंने उसे निचे लिटा कर, उसके उप्पर चढ़ गया और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चुत में उतार दिया, अचानक हुए इस हमले से वो जोर से चिलाई।

वर्षा :- बहन चोद, फाड़ दी मेरी चुत, कुत्ते आराम से नहीं कर सकता, कहा भागे जा रही हु। चल अब जोर लगा के चोद मुझे।

फिर 5 मिनट उस एंगल में चोदने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर बैठा लिया और फिर चुदाई शुरू कर दी,हमे चुदाई करते करते 20 मिनट हो गए थे और हम दोनों ही थक चुके थे, वो अब तक डिस्चार्ज हो चुकी थी पर मैं अभी तक बाकि था, फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा और थोड़ी देर बाद उसकी कमर पर ही झाड़ कर उसके उप्पर गिर गया, थोड़ी देर हम ऐसे ही लेटे रहे फिर मै खड़ा हुआ और मैंने सारा स्पर्म उसकी कमर और गांड पर मल दिया।

अब तक 8 बज चुके थे, और हमे भूख लग रही थी। तो हमने खाना रूम में आर्डर न करके, निचे रेस्टोरेंट में जाने का प्लान बनाया। फिर वर्षा कड़ी हुई और बाथरूम जाने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला..

मैं :- स्पर्म को साफ़ मत करना, इसके उपर ही कपडे पहन लो, निचे ऐसे ही जायेंगे।

और कोई अच्छा सेक्सी सा ड्रेस पहन लो बिना पैंटी और ब्रा के। मेरे कई बार कहने पर वो मान गई, उसने एक सेक्सी सा शार्ट ब्लैक कलर का स्कर्ट पहना बिना पैंटी के। वो स्कर्ट इतना शार्ट था की, वो अगर जरा सी भी निचे झुके तो पीछे वालो को उसकी गांड और चुत दर्शन हो जाये। और ऊपर उसने सफ़ेद रंग का डीप नैक टॉप दाल लिया, वो टॉप इतना डीप था के अगर वेटर उसके बराबर खड़ा होक आर्डर ले तो उसे वर्षा के 90% चुच्चे (बूब्स) दिख जायेंगे। फिर उसने थोड़ा मेक उप किया और अपने हाई हील सांडले पहने और हम नीचे चले गए।

मौसी को अपनी बीवी बना के चोदा चोदी की

कैसे हो प्यारे दोस्तो? मुझे उम्मीद है कि आप लोग सब मजे कर रहे होगे. आपके इसी मजे को बढ़ाने ...

शादी के बाद भी कुंवारी रही लड़की की चुदाई की कहानी

प्यारे दोस्तो … मेरा नाम आशीष है भीलवाड़ा राजस्थान से हूँ. मैं XXXVasna का पुराना पाठक हूँ. काफी दिनों से ...

गांड मारकर गुड मॉर्निंग कहा- Sexy Bhabhi Ki Chudai

मैं काम के सिलसिले में मुंबई चला आया क्योंकि हमारा शहर बहुत छोटा है और वहां पर मुझे ऐसा कुछ ...

भैया बन गए सैंया- Bhai Behen ki Chudai

मेरे 12वीं के एग्जाम नजदीक आने वाले थे और मैं बहुत घबराई हुई थी क्योंकि मैंने इस वर्ष अच्छे से ...

पापा अपनी छमिया के साथ- Romantic Sex Story

हेलो दोस्तो। मेरा नाम पारुल (उम्र २०) है। मैं अपनी ज़िन्दगी की पहली कामुक कहानी आप लोगों को पेश कर ...

कामवाली के साथ रंगरेली मनाई- Kaamvali Ki Chudai

कामुक कहानी पढ़ने वाले दोस्तों को मेरा नमस्कार। मेरा नाम मोहन गुप्ता (उम्र २२) है। मैं नोएडा में रहता हूँ। ...

6 thoughts on “पत्नी की सारी कल्पनाए पूरी की”

Leave a Comment